Tehran BLASTS — ईरान की राजधानी के दिल में धमाके, आसमान में उठता धुआं

ईरान की राजधानी तेहरान के बीचों-बीच आज कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसके कुछ ही मिनटों के भीतर शहर के अलग-अलग हिस्सों से धुएं के गुबार उठते नजर आए। सेमी-ऑफिशियल एजेंसी रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइलें Downtown के व्यस्त इलाकों के पास गिरीं, जहां आम तौर पर दफ्तर, दुकानें और घनी आबादी मौजूद रहती है। स्थानीय मीडिया और सोशल वीडियो में जो तस्वीरें सामने आईं, उनमें मुख्य सड़कों के ऊपर काले धुएं के ऊंचे-ऊंचे बादल साफ दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास की इमारतों में खिड़कियां टूटने और कुछ जगह आग लगने की भी खबरें हैं। शुरुआती सूचना के अनुसार कुछ हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क और कॉलिंग सर्विस भी बाधित हुई, जिससे लोगों में और घबराहट फैल गई।

US–Israel JOINT STRIKE — तेहरान पर कौन कर रहा हमला, क्या है मिलिट्री प्लान

अंतरराष्ट्रीय खबरों के मुताबिक ये धमाके किसी हादसे का नतीजा नहीं बल्कि अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा हैं, जो शनिवार से ईरान के खिलाफ चल रहा है। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने इसे Pre-emptive Attack बताते हुए दावा किया कि Target उन ठिकानों पर रखा गया है, जहां से ईरान की तरफ से मिसाइलें और ड्रोन इज़राइल और क्षेत्र के अन्य देशों पर छोड़े जा सकते थे। अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि वॉशिंगटन की प्राथमिकता ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और सैन्य कमांड-संरचना को हिट कर उसे कमजोर करना है, ताकि आगे चलकर Nuclear और Regional Threat को कंट्रोल में रखा जा सके। हालांकि ईरान की तरफ से फिलहाल आधिकारिक स्तर पर सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि वे “दुश्मन के हमलों का कड़ा जवाब” देंगे और सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आंकलन कर रही हैं।

Iran RESPONSE MODE — लीडरशिप सुरक्षित, जवाबी कार्रवाई की तैयारी

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान और अन्य संवेदनशील शहरों में टॉप लीडरशिप को पहले ही सुरक्षित और गुप्त ठिकानों पर शिफ्ट कर दिया गया था, ताकि किसी भी सीधे हमले से राजनीतिक और सैन्य कमान पर असर न पड़े। वहां के Defence Sources का कहना है कि एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है और कुछ incoming प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट भी किया गया, हालांकि कुछ मिसाइलें शहर के अंदर आ गिरीं जिनसे यह भारी धमाके हुए। साथ ही ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर हमले जारी रहे तो वे सिर्फ इज़राइल ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों के कुछ सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भी जवाबी निशाना बना सकते हैं। इसी चेतावनी के साथ खाड़ी के कई देशों ने अपने एयरस्पेस और एयरपोर्ट्स को High Alert पर रख दिया है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट में बदलाव शुरू कर दिए हैं।

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