Salil Ankola Profile
भारतीय क्रिकेट के पूर्व तेज गेंदबाज सलिल अंकोला की कहानी संघर्ष, पतन और पुनरुत्थान की एक ऐसी दास्तान है जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं । 1989 में सचिन तेंदुलकर के साथ कराची टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने 28 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ा, अभिनय में कदम रखा और फिर शराब की गहरी लत में इस कदर डूब गए कि 12 बार ICU में भर्ती हुए और तीन बार मृत घोषित कर दिए गए ।
क्रिकेट करियर
सलिल ने 1988 में महाराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और पहले ही सीजन में 27 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा । नवंबर 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट में उन्होंने और सचिन तेंदुलकर ने एक साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा — भारतीय क्रिकेट इतिहास का वह लम्हा दो ऐसे करियर की शुरुआत था जिनका भविष्य एकदम विपरीत निकला । सलिल का टेस्ट करियर उसी एक मैच तक सीमित रह गया, लेकिन वनडे टीम में वे 8 साल बने रहे और 20 एकदिवसीय मैच खेले । 1996 विश्व कप दल में भी उनका नाम शामिल था, पर लगातार चोटें और टीम से बाहर-भीतर होने का सिलसिला उनका हौसला तोड़ता रहा । 28 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट को आधिकारिक रूप से अलविदा कह दिया।
अभिनय की दुनिया में कदम
क्रिकेट छोड़ने के बाद सलिल ने बॉलीवुड और टेलीविजन का रुख किया । उन्होंने ‘CID’, ‘कहता है दिल’, ‘कोरा कागज’ और ‘श्श्श… कोई है’ जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में काम किया । फिल्मों में उन्होंने संजय दत्त के साथ ‘कुरुक्षेत्र’ (2000) में पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया, इसके अलावा ‘पिताह’, ‘चुरा लिया है तुमने’ और ‘साइलेंस प्लीज… द ड्रेसिंग रूम’ में भी नजर आए । 2006 में वे सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ का भी हिस्सा बने । पर्दे पर वे आत्मविश्वासी और आकर्षक नजर आते थे, लेकिन असली जिंदगी में एक अंधेरा उन्हें धीरे-धीरे निगल रहा था।
शराब की लत: 24 घंटे पीने का दौर
1997 में क्रिकेट पूरी तरह छूटने के बाद सलिल के मन में जो खालीपन आया, उसे भरने की कोशिश उन्होंने शराब से की । 1999 से 2011 तक — यानी पूरे 12 साल — उनका जीवन इस लत में डूबा रहा । खुद एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह सामान्य लगता था, पर धीरे-धीरे यह बीमारी बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि जितने घंटे वे जागते, उतने घंटे पीते रहते । क्रिकेट मैच देखना उन्होंने बंद कर दिया क्योंकि वह उन्हें उस दौर की याद दिलाता था जो उनसे छिन चुका था । परिवार और दोस्तों ने बार-बार समझाया, रिहैब भेजा, पर लत नहीं छूटी ।
मौत के दरवाजे से वापसी
2014 तक उनकी हालत इतनी गंभीर हो चुकी थी कि वे 12 बार ICU में भर्ती हुए और तीन बार डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया । 2011 में रिहैब के दौरान उन्होंने क्रिकेट विश्व कप देखा और उसी क्षण से उनके भीतर बदलाव की चिंगारी जली । परिवार के अटूट साथ, सही इलाज और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से उन्होंने उस लत को हरा दिया जिसने उनसे सब कुछ छीन लिया था।
वर्तमान जीवन
आज सलिल अंकोला पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और भारतीय क्रिकेट को वापस अपनी सेवाएं दे रहे हैं । वे मुंबई क्रिकेट संघ के मुख्य चयनकर्ता रह चुके हैं और जनवरी 2023 से अगस्त 2024 तक भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के आधिकारिक चयनकर्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं । उनकी यह यात्रा — एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर से मौत के मुहाने तक और फिर वहाँ से उठकर क्रिकेट की सेवा तक — असाधारण मानवीय दृढ़ता की एक जीती-जागती मिसाल है।
