Iran vs US–Israel WAR — जवाबी वार से मिडिल ईस्ट में कोहराम, ईरान ने अटैक खोल दिए

Iran vs US–Israel WAR

ईरान ने अमेरिका–इज़राइल के संयुक्त हमले का तगड़ा जवाब दिया है और पश्चिम एशिया के एक ही बड़े चैप्टर में 8 शहरों और कई अहम ठिकानों पर हमला शुरू किया है। ईरानी सरकार ने खुलकर कहा है कि “दुश्मन की हार तक हमारा हमला जारी रहेगा” और उसने बैलिस्टिक, सुपरसोनिक और क्रूज़ मिसाइलों के साथ–साथ ड्रोन स्क्वॉड को भी मिडिल ईस्ट में छोड़ा है। इसका निशाना इज़राइल सिर्फ इज़राइल नहीं बल्कि खाड़ी के अमेरिकी आधार और Regional Allies भी हैं — जिससे खुदरा तौर पर कोई भी देश अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं दिख रहा।​

US MILITARY BASES HIT — दोहा, मनामा, अल–धाफ्रा और जॉर्दन तक धमाकों की मार

ईरान ने अपनी पहली बड़ी Strike Wave में सीधे कतर की राजधानी दोहा पर निशाना बनाया, जहां अमेरिका का बड़ा एरियल बेस अल उदैद एयर बेस तैनात है। कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी एयर डिफेंस ने कई मिसाइलों को अपने स्पेस पर पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर दिया, हालांकि शहर के अंदर भी कई धमाके दर्ज किए गए और स्थानीय आकाश में धुएं के गुबार दिखाई दिए। ईरान ने यह भी दावा किया कि दोहा में तैनात अमेरिकी FP‑132 लॉन्ग‑रेंज रडार पूरी तरह नष्ट हो गया जो बैलिस्टिक मिसाइल ट्रैकिंग के लिए बहुत अहम था।​

गल्फ रीजन में बहरीन पर भी ईरान की Strike बहुत तेज रही। मनामा स्थित US Navy Fifth Fleet के हेडक्वार्टर को सीधा लक्ष्य बनाया गया, जहां कम से कम 2–3 मिसाइलों के गिरने की बात सामने आई है और बेस के ऊपर जबरदस्त धुआं और आग की लपटें वीडियो फुटेज में साफ दिख रही हैं। Fifth Fleet इलाके की शिपिंग रूट्स और नौसेना ठिकानों की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है, इस हमले से इसकी ऑपरेशनल क्षमता अस्थायी रूप से झंकी रही है। वहीं UAE की राजधानी अबू धाबी पर भी ईरानी मिसाइलों का खूब विध्वंस हुआ, जहां अल धाफ्रा एयर बेस को टारगेट किया गया। यहां मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक नागरिक की मौत और कई घायल मामलों की जानकारी है, हालांकि UAE ने कहा कि अधिकांश मिसाइलें इंटरसेप्ट कर ली गईं।​

कुवैत में भी अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस पर मिसाइलें छोड़ी गईं, जो खाड़ी के लिए Logistics और Air‑lift Hub का काम करता है। कुवैत की सरकार ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस ने सभी हमलों को सफलतापूर्वक हैंडल किया, लेकिन देश के एयरस्पेस को अलर्ट पर रख दिया गया है। इसी कड़ी में जॉर्डन की राजधानी अम्मान के पास स्थित अमेरिकी मिलिटरी प्रेजेंस वाला बेस भी ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के निशाने पर आया, हालांकि जॉर्डनियन Air Force ने फाइटर जेट्स के जरिए दोनों मिसाइलें इंटरसेप्ट कर खंडहर कर दीं। जॉर्डन के अंदर RSS, एयर‑रेड अलर्ट और लड़ाकू विमानों की उड़ानों ने रात को युद्ध जैसा नज़ारा बना दिया।​

Saudi Arabia & Israel UNDER ATTACK — रियाद से दुबई तक धमाके, Israel ने इंटरसेप्ट नेटवर्क फुल ऑन

ईरान के Strike Pattern से साफ हो गया कि वह सिर्फ अमेरिकी ठिकानों ही नहीं, बल्कि Regional Powers की Political व Military Capital पर भी अपना दंश दिखाना चाहता है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर भी कई बार Balistic और Cruise मिसाइलों की ओर रुख देखा गया, जिसके बाद शहर के ऊपर Air‑Raid Sirens बजे और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी दी गई। Saudi Foreign Ministry ने हमलों की सख्त निंदा करते हुए कहा कि यह UAE, बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है, साथ ही Saudi ने इन सभी देशों के साथ एकजुटता भी जताई और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए Warning जारी की।​

दूसरी तरफ Israeli तट पर ईरान और उसके Proxy Groups ने ड्रोन और मिसाइल Storm शुरू कर दिया। इज़राइली सरकार का दावा है कि Iron Dome, David’s Sling और Arrow Defence System ने ज़्यादातर Incoming टारगेट्स को इंटरसेप्ट कर शहरों को नुकसान से बचाया, लेकिन पश्चिमी इलाकों के किनारे कुछ मिसाइल ज़मीन पर गिरीं जिनसे बिल्डिंग्स को नुकसान और देश में Emergency Alert System फुल ऑन मोड पर आ गया। पूरे इज़राइल में Night Curfew, Secure‑bunker ऑर्डर और लाइट्‌स–आफ Policy लागू है, ताकि दूर से देखे जा रहे लक्ष्यों पर मिसाइल टाइमिंग सटीक हो।​

Iran HAVER — गल्फ देशों ने कहा “सुरक्षित ठिकाने” की अवधारणा अब झूठ

इस पूरे हमले से सबसे ज़्यादा चौंकने वाली बात यह है कि रियाद, दुबई, अबू धाबी, दोहा, मनामा, कुवैत जैसे शहर, जिन्हें पिछले दशकों में इलाके में “सुरक्षित और अस्थिरता से दूर” माना जाता था, वे अब प्रत्यक्ष मिसाइल Strike के मिडिल ऑफ़ के रूप में दिख रहे हैं। UAE ने दुबई और अबू धाबी Airport के आसपास सारी उड़ानें रद्द कर दीं, कतर ने अपना एयरस्पेस लॉक कर दिया, और कुवैत ने भी Civil Aviation को High Alert पर रख दिया। Gulf देशों की तरफ से यह ज़ोर देकर कहा जा रहा है कि ईरान ने न सिर्फ अमेरिकी बेसों को टारगेट किया बल्कि ‘किसी भी बहाने’ अपने “Neutral” समझे जाने वाले neighboring Capitals को निशाना बनाकर International Law और Sovereignty की परवाह नहीं की।​

Human COST — 51 स्कूली छात्राओं की मौत की खबर, नागरिक मोर्चा में फंसे

खबरों के अनुसार अमेरिका–इज़राइल के हमलों में ईरान के अन्दर स्कूली इलाकों पर मिसाइल इंपैक्ट की वजह से कम से कम 51 छात्राएं जान से हाथ धो बैठीं, साथ ही कई शहरों में आम नागरिकों के मरने की भी जानकारी है। ईरानी Sources ने भी कहा कि इसे वार के नाम पर “अमानवीय हत्या” कहा जाएगा और उसका भरपूर जवाब मिलेगा। दूसरी तरफ UAE और Gulf Region में भी ईरानी हमलों से कुछ नागरिक मौत के साथ‑साथ घायलों की संख्या म

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