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Suryakumar Yadav: संपूर्ण जीवन परिचय — From Domestic Grind to T20 Stardom
सूर्यकुमार यादव, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में “SKY” और “मिस्टर 360 डिग्री” के नाम से जाना जाता है, भारतीय क्रिकेट के सबसे विस्फोटक और आधुनिक बल्लेबाजों में से एक हैं । दाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने 31 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इतनी देर से मिले मौके को उन्होंने इस तरह भुनाया कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाज का खिताब उनके नाम हो गया ।
प्रारंभिक जीवन और परिवार
सूर्यकुमार यादव का जन्म 14 सितंबर 1990 को मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था । उनका पूरा नाम सूर्यकुमार अशोक यादव है। उनके पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं और उनकी माँ स्वप्ना यादव एक कुशल गृहिणी हैं । परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी से ताल्लुक रखता है, जो बाद में मुंबई में बस गया । सूर्यकुमार अपने घर के इकलौते बेटे हैं और उनकी एक बहन हैं जिनका नाम दिनल यादव है ।
बचपन से ही सूर्यकुमार को क्रिकेट के प्रति गहरा लगाव था। यह दिलचस्प बात है कि उनकी शुरुआती रुचि बैडमिंटन में भी थी, लेकिन क्रिकेट का आकर्षण इतना प्रबल था कि उन्होंने बैडमिंटन छोड़कर क्रिकेट को ही अपना जुनून बना लिया । जब वे मात्र 10 साल के थे, उनके पिता ने उनकी क्रिकेट के प्रति लगन को भांपते हुए उन्हें चेंबुर स्थित BARC कॉलोनी के क्रिकेट शिविर में दाखिला दिलाया । यहीं से सूर्यकुमार की क्रिकेट यात्रा की नींव रखी गई।
शिक्षा और प्रशिक्षण
सूर्यकुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय, मुंबई से प्राप्त की । इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा जूनियर कॉलेज में पढ़ाई की और अंततः पिल्लई कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस, मुंबई से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की । पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने क्रिकेट की कोचिंग जारी रखी।
12 साल की उम्र में वे एल्फ वेंगसरकर अकादमी पहुंचे, जहाँ उन्हें पूर्व भारतीय महान खिलाड़ी दिलीप वेंगसरकर से खेल की बारीकियाँ सीखने का अवसर मिला । वेंगसरकर जैसे दिग्गज के मार्गदर्शन में उनकी तकनीक और मैदान पर उनकी सोच दोनों परिपक्व हुईं। सूर्यकुमार ने अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर मुंबई का प्रतिनिधित्व किया और हर स्तर पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाई ।
घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत
सूर्यकुमार यादव ने अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत 2010 में की । 11 फरवरी 2010 को उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए गुजरात के खिलाफ खेला और 37 गेंदों पर 41 रन बनाकर मैच के दूसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे । इसी साल उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टी20 पदार्पण किया और 2010 के अंत में दिल्ली के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करते हुए 73 रन की शानदार पारी खेली, जो उस मैच में सर्वोच्च स्कोर था ।
2011-12 सीजन में सूर्यकुमार ने अंडर-23 स्तर पर 1000 से अधिक रन बनाए, जो उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण था । उनके लगातार शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2014-15 के रणजी सीजन से पहले मुंबई टीम का कप्तान बनाया गया, हालांकि उन्होंने कुछ समय बाद अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ दी । घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक रन बनाते रहने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली, यही उनके करियर का सबसे कठिन और धैर्य की परीक्षा लेने वाला दौर था ।
आईपीएल करियर
सूर्यकुमार का आईपीएल करियर 2011 में मुंबई इंडियंस के साथ शुरू हुआ, लेकिन शुरुआती दो वर्षों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले । 2014 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ करार किया, जहाँ उन्हें खेलने के अधिक अवसर मिले और उन्होंने कुछ यादगार पारियाँ खेलकर अपनी अलग पहचान बनाई । 2018 में वे फिर से मुंबई इंडियंस के साथ जुड़े और यहीं से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा ।
मुंबई इंडियंस के लिए उनकी आक्रामक और लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी ने उन्हें आईपीएल के सबसे विश्वसनीय मध्यक्रम बल्लेबाजों में से एक बना दिया। उन्होंने अब तक आईपीएल के 150 से अधिक मैचों में 3,500 से अधिक रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 24 से अधिक अर्धशतक शामिल हैं । IPL ने ही उन्हें वह मंच दिया जिसके जरिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी और अंततः भारतीय टीम के दरवाजे उनके लिए खुले।
अंतरराष्ट्रीय करियर: देर आयद दुरुस्त आयद
सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण किया — और वह भी 31 साल की उम्र में, जब बहुत से खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर होते हैं । अपने पहले ही मैच में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 57 रन बनाए और दिखा दिया कि प्रतीक्षा की यह अवधि केवल उनकी तैयारी को और पक्का करती रही थी । उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर छक्का लगाया और टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए — यह एक ऐसा पल था जिसने पूरे क्रिकेट जगत को बता दिया कि यह खिलाड़ी किसी साधारण साँचे में नहीं ढला है ।
18 जुलाई 2021 को उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया और पहली ही पारी में अर्धशतक जड़ा । 9 फरवरी 2023 को नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी पदार्पण किया । हालांकि टेस्ट और वनडे में उनकी पकड़ उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन टी20 क्रिकेट में वे एक ऐसी श्रेणी में पहुंचे जहाँ समकालीन दुनिया में उनकी बराबरी करना बेहद कठिन है।
शिखर पर सूर्योदय: टी20 का बादशाह
2022 और 2023 का दौर सूर्यकुमार यादव के करियर का स्वर्णिम अध्याय है। इस अवधि में उन्होंने ICC T20I रैंकिंग में नंबर-1 का स्थान हासिल किया और इस पायदान पर लंबे समय तक बने रहे । वे लगातार दो बार ICC T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने — 2022 और 2023 दोनों वर्षों में यह सम्मान उनके नाम रहा । उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे मैदान के 360 डिग्री में शॉट खेल सकते हैं — स्कूप, रिवर्स स्वीप, रैम्प, अपर-कट — उनका हर शॉट गेंदबाज के लिए एक नई पहेली है । यही कारण है कि उन्हें “मिस्टर 360 डिग्री” की उपाधि दी गई।
2024 टी20 विश्व कप में सूर्यकुमार ने एक ऐसी पारी खेली जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में सदा के लिए दर्ज हो गई। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जब मैच का पलड़ा विपक्ष की ओर झुक रहा था, सूर्यकुमार ने 28 गेंदों पर 76 रन की तूफानी पारी खेली और भारत को एक ऐसा लक्ष्य दिया जिसे दक्षिण अफ्रीका छू न सका। लेकिन इस फाइनल में उनका सबसे यादगार योगदान उनकी बल्लेबाजी से नहीं, बल्कि उनके एक कैच से आया — डेविड मिलर का वह अविश्वसनीय कैच जो उन्होंने बाउंड्री लाइन पर लपका और भारत की जीत सुनिश्चित की, क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ फील्डिंग क्षणों में से एक माना जाता है ।
व्यक्तिगत जीवन: देविशा का साथ
सूर्यकुमार यादव ने 7 जुलाई 2016 को अपनी बचपन की दोस्त देविशा शेट्टी से विवाह किया । देविशा और सूर्यकुमार की मुलाकात क्रिकेट के मैदान के बाहर उनके सामान्य जीवन में हुई और उनकी मित्रता धीरे-धीरे प्रेम में बदली। देविशा उन वर्षों में सूर्यकुमार के साथ खड़ी रहीं जब राष्ट्रीय टीम का दरवाजा बंद था और निराशा सबसे गहरी थी। सूर्यकुमार ने कई साक्षात्कारों में स्वीकार किया है कि देविशा का मानसिक सहयोग उनके संघर्ष के उन वर्षों में उनकी सबसे बड़ी ताकत था ।
दंपति का कोई बच्चा नहीं है और दोनों ने निजी जीवन को काफी हद तक सार्वजनिक नजरों से दूर रखा है। सूर्यकुमार अपने खाली समय में परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं और मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर शांत पारिवारिक माहौल में रिचार्ज होते हैं।
पुरस्कार और उपलब्धियां
सूर्यकुमार यादव की उपलब्धियों की सूची उतनी ही प्रभावशाली है जितना उनका बल्लेबाजी अंदाज। ICC T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2022 और 2023 — लगातार दो बार — यह कारनामा करने वाले वे पहले भारतीय हैं । 2024 टी20 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के वे अहम सदस्य रहे और उनका वह ऐतिहासिक कैच इस टूर्नामेंट का सबसे चर्चित पल बना। उन्हें 2023 में भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया । घरेलू स्तर पर उन्होंने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कई यादगार प्रदर्शन किए। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ खिताब जीतने का अनुभव भी उनके पास है।
विरासत और प्रेरणा
सूर्यकुमार यादव की कहानी महज एक क्रिकेटर की सफलता की गाथा नहीं है — यह उस हर इंसान की कहानी है जो वर्षों तक मेहनत करता रहा, अपनी बारी का इंतजार करता रहा और जब मौका मिला तो उसे इतिहास में बदल दिया । जिस उम्र में खिलाड़ी संन्यास लेने की सोचते हैं, उस उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज बने । उनकी बल्लेबाजी शैली ने T20 क्रिकेट की परिभाषा को नया आयाम दिया है — 360 डिग्री शॉट्स, अप्रत्याशित स्ट्रोक्स और दबाव में भी हमेशा आक्रामक रहने का स्वभाव। भारतीय युवा क्रिकेटरों की एक पूरी पीढ़ी उनकी बल्लेबाजी को देखकर प्रेरणा लेती है और यह विरासत उनके संन्यास के बाद भी जीवित रहेगी ।
प्रमुख T20I रिकॉर्ड और आँकड़े
सूर्यकुमार यादव के T20I करियर के आँकड़े अपने आप में एक असाधारण दस्तावेज हैं। उन्होंने 110 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 3,243 रन बनाए हैं, जिसमें औसत 37.28 और स्ट्राइक रेट 163.38 है — और इसमें 4 शतक व 25 अर्धशतक शामिल हैं । उनका सर्वोच्च टी20I स्कोर 117 रन है । विश्व स्तर पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके 4 शतक किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक शतकों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं ।
उनके T20I करियर के सबसे चमकीले रिकॉर्ड की बात करें तो 2022 में उन्होंने 31 मैचों में 1,164 रन बनाए — एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक T20I रन बनाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बने — और यह 187.43 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से आया । उस पूरे साल में उन्होंने 68 छक्के जड़े, जो T20I इतिहास में किसी एक वर्ष में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड है । अक्टूबर 2022 से जून 2024 तक — लगभग 20 महीने — वे ICC पुरुष T20I रैंकिंग में नंबर 1 की कुर्सी पर विराजमान रहे । जनवरी 2023 में उनकी रेटिंग 910 अंक तक पहुँची, जो T20I रैंकिंग के इतिहास में दूसरी सर्वश्रेष्ठ रेटिंग है ।
IPL करियर: मुंबई इंडियंस के लिए प्रदर्शन
सूर्यकुमार यादव ने IPL में 166 से अधिक मैचों में 4,311 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 24 से अधिक अर्धशतक शामिल हैं । उनका सर्वोच्च IPL स्कोर 103 रन है और उनका IPL स्ट्राइक रेट 145 के आसपास रहा है । IPL 2026 की मेगा नीलामी में मुंबई इंडियंस ने उन्हें फिर से खरीदा, जो इस बात का प्रमाण है कि फ्रेंचाइजी उन पर पूरा भरोसा करती है ।
उनके IPL प्रदर्शन में सबसे उल्लेखनीय सीजन 2023 रहा, जब उन्होंने 16 मैचों में 605 रन 43.21 की औसत और 181.14 के स्ट्राइक रेट से बनाए — IPL में किसी भी बल्लेबाज द्वारा उस सीजन की सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट में से एक । 2023 में उन्होंने 103 रन का शतक भी जड़ा, जो उनके IPL शतकों की सूची में सर्वोच्च है । 2024 में 11 मैचों में उन्होंने 345 रन 34.50 की औसत और 167.48 के स्ट्राइक रेट से बनाए, जिसमें एक शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं । IPL में उनका सफर 2016 में कोलकाता नाइट राइडर्स से शुरू हुआ था, लेकिन 2018 में मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद उनके आँकड़े और प्रभाव दोनों कई गुना बढ़ गए ।
बल्लेबाजी शैली: 360 डिग्री का जादू
सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी शैली आधुनिक T20 क्रिकेट की सबसे अनोखी और जटिल कलाओं में से एक है। वे मध्यक्रम के आक्रामक बल्लेबाज हैं जो क्रीज पर आते ही पहली गेंद से ही आक्रमण मोड में होते हैं — सेटल होने का समय उनके खेल में है ही नहीं । उनकी कलाई का काम इतना अद्भुत है कि वे ऑफ-साइड और लेग-साइड दोनों तरफ बराबर खतरनाक हैं, और गेंदबाज के लिए उनके लिए सही लाइन-लेंथ तय करना लगभग असंभव हो जाता है ।
“मिस्टर 360 डिग्री” का खिताब उन्हें इसलिए मिला क्योंकि वे शॉट्स की एक अद्वितीय शृंखला खेलते हैं — फाइन लेग के ऊपर से स्कूप, थर्ड मैन पर रिवर्स स्कूप, लॉन्ग-ऑफ पर इनसाइड-आउट ड्राइव, डीप मिड-विकेट पर रैम्प — ये सब ऐसे शॉट हैं जो पारंपरिक बल्लेबाजी पाठ्यक्रम में नहीं सिखाए जाते । उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे हाई-फुल-टॉस, यॉर्कर, शॉर्ट-पिच — हर तरह की गेंद को किसी न किसी कोण से बाउंड्री तक पहुँचा देते हैं। बड़े-बड़े विश्लेषकों ने माना है कि उनके खेलने का यह तरीका गेंदबाजों की पूरी रणनीति को बेकार कर देता है क्योंकि “अच्छी गेंद” की परिभाषा उनके सामने बदल जाती है।
घरेलू क्रिकेट आँकड़े
सूर्यकुमार यादव के घरेलू क्रिकेट करियर के आँकड़े इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि उन्हें भारतीय टीम में जगह बहुत देर से मिली। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 86 मैचों में 144 पारियों में 5,758 रन बनाए हैं, जिसमें औसत 42.34 और सर्वोच्च स्कोर 213 रन है — 30 अर्धशतक और 14 शतक के साथ । लिस्ट-A में उन्होंने 146 मैचों में 3,997 रन से अधिक बनाए हैं । T20 घरेलू मैचों में 357 से अधिक खेलों में उनके आँकड़े उन्हें भारत के सबसे अनुभवी टी20 खिलाड़ियों में से एक बनाते हैं ।
2011-12 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने मुंबई की ओर से 9 मैचों में 754 रन बनाए, जो उस सीजन में टीम के लिए सर्वाधिक रन थे । उस प्रदर्शन ने उन्हें पहली बार राष्ट्रीय चर्चाओं में लाया। वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में लगातार बड़े स्कोर बनाते हुए भी जब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मौका नहीं मिला, तो उन्होंने न शिकायत की, न हार मानी — अपनी बारी का इंतजार किया और तैयारी जारी रखी। यह मानसिक दृढ़ता ही उनकी सबसे बड़ी घरेलू उपलब्धि है, जिसे कोई भी आँकड़ा पूरी तरह बयान नहीं कर सकता।
ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2022 और 2023: वह कमाल कैसे हुआ
2022 में सूर्यकुमार ने एक ऐसा साल बिताया जो T20 क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा। उन्होंने 31 T20I मैचों में 46.56 की औसत और 187.43 के स्ट्राइक रेट से 1,164 रन बनाए — इस स्ट्राइक रेट को देखकर क्रिकेट विशेषज्ञ हैरान रह गए क्योंकि इसका अर्थ है कि हर 100 गेंदों पर औसतन 187 रन । उस पूरे साल में उन्होंने दो शतक और नौ अर्धशतक जड़े, और 68 छक्के लगाए — जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक T20I छक्कों का विश्व रिकॉर्ड है । न्यूजीलैंड में माउंट माउंगानुई में उनका 111 नाबाद, 51 गेंदों में — 11 चौके और 7 छक्के — उस साल की सबसे यादगार पारियों में से एक रही ।
2023 में उन्होंने अपना ICC खिताब बरकरार रखा। उस साल 17 पारियों में 48.86 की औसत और 155.95 के स्ट्राइक रेट से 733 रन बनाए, जिसमें दो शतक और पाँच अर्धशतक शामिल थे । जनवरी 2023 में श्रीलंका के खिलाफ राजकोट में उन्होंने 112 रन की पारी महज 51 गेंदों में खेली — 9 छक्के और 7 चौके — और यह भारत की ओर से T20I में दूसरा सबसे तेज शतक बना । उस पारी में हर तीन गेंदों में औसतन एक बाउंड्री आई । लगातार दो बार ICC T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब जीतने वाले वे पहले भारतीय और दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं — यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि 2022-2023 में वे न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट में T20 प्रारूप के निर्विवाद बादशाह थे ।
नेट वर्थ और कमाई के स्रोत
सूर्यकुमार यादव की कुल संपत्ति 2025-26 तक लगभग 55 से 65 करोड़ रुपये (करीब 7 से 8 मिलियन डॉलर) आँकी गई है । उनकी आय के प्रमुख स्रोत BCCI केंद्रीय अनुबंध, IPL वेतन, ब्रांड एंडोर्समेंट, रियल एस्टेट और लग्जरी वाहन हैं । BCCI ग्रेड-B कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें सालाना 3 करोड़ रुपये का निश्चित वेतन मिलता है, इसके अलावा प्रति T20I मैच 3 लाख और प्रति ODI 6 लाख रुपये मैच फीस मिलती है । IPL में उनकी प्रति सीजन सैलरी 8 करोड़ रुपये है, और अब तक की संचित IPL कमाई लगभग 16.35 करोड़ रुपये आँकी गई है ।
ब्रांड एंडोर्समेंट की दुनिया में सूर्यकुमार की पहचान तेजी से बड़ी हुई है। 2021 में जब वे प्रति एंडोर्समेंट 15 से 20 लाख रुपये कमाते थे, वही फीस अब बढ़कर 65 लाख से 2 करोड़ रुपये प्रति कैम्पेन तक पहुँच गई है । उनके मौजूदा ब्रांड पोर्टफोलियो में Reebok, Dream11, Lenskart, JioCinema, Royal Stag, Pintola, Boult Audio और Skyscanner (जिसने सितंबर 2025 में उन्हें भारत में अपना पहला ब्रांड एंबेसडर बनाया) शामिल हैं । सालाना एंडोर्समेंट से उनकी कुल कमाई करीब 10 से 12 करोड़ रुपये बताई जाती है ।
संपत्ति और जीवनशैली की बात करें तो सूर्यकुमार मुंबई के अनुशक्ति नगर, चेंबूर में एक लग्जरी अपार्टमेंट में रहते हैं, जिसकी कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है । उनके गैराज में Mercedes-Benz GLE, Range Rover Velar, Nissan Juke और Audi A6 जैसी प्रीमियम कारें हैं ।
T20 विश्व कप 2025-26 में प्रदर्शन
T20 विश्व कप 2025-26 की शुरुआत में सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर अपना लोहा मनवाया। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में USA के खिलाफ जब भारतीय टीम 77 रन पर 6 विकेट खोकर गंभीर संकट में थी, तब सूर्यकुमार ने 49 गेंदों पर 84 रन नाबाद की ऐतिहासिक पारी खेली और भारत को 161 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया । यह उस मैच में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और उन्होंने भारत के कुल रनों का 52.17 प्रतिशत अकेले बनाया ।
उस पारी में उन्होंने मध्य ओवरों में 31 गेंदों पर 45 रन बनाए जबकि बाकी बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, और फिर डेथ ओवरों में 16 गेंदों पर 38 रन जड़कर मैच का रुख पलट दिया । यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि 2025 के अधिकांश T20I में उनका बल्ला चुप रहा था — नवंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 21 पारियों में उन्होंने सिर्फ 218 रन 13.62 की औसत से बनाए थे । उस लंबे खराब दौर के बाद T20 विश्व कप के मंच पर यह वापसी उनके चरित्र की गवाह बनी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने इस पारी के बाद कहा — “हम जानते हैं कि सूर्या के लिए पिछला एक साल कितना कठिन था, लेकिन वे अब पूरी तरह वापस आ गए हैं” ।
IPL की प्रमुख उपलब्धियाँ और पुरस्कार
IPL 2025 में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन उनके फ्रेंचाइजी करियर का सर्वश्रेष्ठ रहा। उन्होंने 15 मैचों में 717 रन बनाए — 65.18 की औसत और 167.91 के स्ट्राइक रेट से — और टूर्नामेंट के दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे । इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें IPL 2025 का Most Valuable Player (MVP) पुरस्कार दिया गया, जिसके साथ 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली । खास बात यह है कि Orange Cap winner Sai Sudharsan (759 रन) ने उनसे अधिक रन बनाए, लेकिन सूर्यकुमार की प्रभावशीलता, स्ट्राइक रेट और मैच-बदलने की क्षमता को देखते हुए MVP का खिताब उन्हें मिला ।
इस पुरस्कार के साथ वे IPL में MVP अवॉर्ड जीतने वाले पाँचवें भारतीय खिलाड़ी बने और सचिन तेंदुलकर की उस विशेष सूची में शामिल हुए जिन्होंने एक IPL सीजन में 700 से अधिक रन बनाए हैं । मुंबई इंडियंस के लिए यह भी उल्लेखनीय है कि 2013 में फॉर्मेट बदलने के बाद से MVP अवॉर्ड जीतने वाले वे पहले MI खिलाड़ी बने । IPL 2026 मेगा नीलामी में मुंबई इंडियंस ने उन्हें फिर से अपने दल में शामिल किया, जो इस बात का प्रमाण है कि एक लंबे खराब अंतरराष्ट्रीय दौर के बावजूद फ्रेंचाइजी का उन पर भरोसा जरा भी नहीं डिगा ।
