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Kejriwal COMEBACK
CBI केस में बरी हुए Kejriwal — कोर्ट को नहीं मिला एक भी सबूत
देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री जिन्हें पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया गया था, Arvind Kejriwal आज दिल्ली की एक अदालत में सबके सामने भावुक हो गए। Special Judge Jitendra Singh की अदालत ने Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत 23 लोगों को दिल्ली Excise Policy Case में सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि CBI यह साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही कि Kejriwal ने Policy में हेरफेर किया या किसी गैरकानूनी काम से फायदा उठाया।
Legal Turning Point — एक गवाह का बयान, जिस पर टिकी थी पूरी CBI Case
CBI की पूरी Case की नींव essentially एक ही गवाह के बयान पर टिकी थी। Prosecution Witness Magunta Sreenivasulu Reddy ने बयान दिया था कि पूर्व Telangana CM K Chandrashekar Rao की बेटी K Kavitha ने उनसे संपर्क किया था — लेकिन इस बयान में Kejriwal का नाम Direct नहीं था। कोर्ट ने कहा कि Kejriwal को इस Case का “Central Figure” बताने के लिए न कोई File Noting था, न कोई Digital Evidence, न कोई Financial Transaction और न ही कोई Electronic Communication जो उन्हें किसी भी तरह से Policy Manipulation से जोड़ता हो। Judge ने यह भी कहा कि सिर्फ “Conspiracy” शब्द बोल देने से Legal Requirement पूरी नहीं होती — उसके लिए साक्ष्य चाहिए।
Congress की मुश्किल — जिसे Support किया, अब वही बन गया सबसे बड़ा Rival
यह फैसला Congress के लिए एक अजीब और असहज करने वाला पल लेकर आया है। जब Kejriwal को 2024 में गिरफ्तार किया गया था तब Rahul Gandhi और Sonia Gandhi दोनों उनके साथ खड़े थे — दिल्ली के Ramlila Maidan पर एक बड़े Protest में उन्होंने Kejriwal की गिरफ्तारी को “Agencies के दुरुपयोग” का उदाहरण बताया था। लेकिन जब INDIA Alliance टूटा और Delhi Elections से पहले AAP-Congress का गठबंधन बिखरा तो खुद Rahul Gandhi ने Kejriwal पर “Liquor Scam” में शामिल होने का आरोप लगाया और CM Residence के निर्माण में खर्च हुए पैसों की आलोचना की। Court के इस फैसले ने Congress की उस पूरी Narrative को उलट दिया है। असल में Congress ने ही यह विवाद शुरू किया था — Mid-2022 में तत्कालीन Delhi Congress President Anil Chaudhary ने Lieutenant Governor को चिट्ठी लिखकर Excise Policy में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और खुद CBI जांच की मांग की थी। यानी वही Party जिसने CBI जांच मांगी, उसी Party ने बाद में Kejriwal की गिरफ्तारी के खिलाफ Protest किया और अब Court ने Case खारिज कर दिया — यह पूरा घटनाक्रम Congress को तीनों तरफ से कमजोर करता है।
Kejriwal का पलटवार — “Robert Vadra जेल गए? Rahul Gandhi जेल गए?”
बरी होने के तुरंत बाद Kejriwal ने Press Conference की और सीधे Congress पर निशाना साधा। उन्होंने कहा — “मैं Congress से पूछना चाहता हूं — Kejriwal जेल गए। क्या Robert Vadra जेल गए? Sanjay Singh जेल गए। क्या Rahul Gandhi जेल गए?” Kejriwal ने PM Narendra Modi और Home Minister Amit Shah पर AAP को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि उनका पूरा करियर ईमानदारी पर खड़ा है जिसे इस Case के जरिए निशाना बनाया गया। उन्होंने BJP को एक बड़ी Challenge भी दी — अगर Delhi में फिर से Election हो और BJP 10 से ज्यादा Seats जीत जाए तो वे राजनीति छोड़ देंगे। Kejriwal ने यह भी ऐलान किया कि अब उनकी Party Enforcement Directorate (ED) से जुड़े Related Cases में भी Discharge की अर्जी लगाएगी — यानी उनका कानूनी संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है लेकिन आज का फैसला उनके पक्ष में एक बड़ी नैतिक जीत है।
Electoral Stakes — Punjab, Gujarat, Goa में Congress को खतरा
Kejriwal का बरी होना सिर्फ एक अदालती फैसला नहीं है — यह आने वाले Elections की राजनीति को भी बदल सकता है। Punjab में अगले साल Elections होने हैं जहां AAP सत्ता में है और Congress मुख्य Opposition है। Gujarat में AAP तेजी से बढ़ रही है जहां Congress अभी तक मुख्य Opposition थी, और Goa में भी AAP ने Congress के पारंपरिक Vote Base में सेंध लगाई है। Congress के भीतर इस मुद्दे पर एकमत भी नहीं है — Chandigarh MP Manish Tewari ने Kejriwal को बधाई दी और Case को “Political Vendetta” बताया, जबकि Party का Official Line अभी भी Kejriwal के खिलाफ है। यह Internal Contradiction Congress को Critics की नजर में कमजोर और Confused दिखाता है।
Opposition Leadership का सवाल — Rahul vs Kejriwal vs Mamata
Rahul Gandhi फिलहाल PM Modi के खिलाफ सबसे प्रमुख National Opposition Figure हैं लेकिन Alliance के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। Senior Congress नेता Mani Shankar Aiyar ने हाल ही में Rahul Gandhi की Leadership पर सवाल उठाते हुए कहा कि INDIA Alliance की कमान Mamata Banerjee या MK Stalin को सौंपी जाए। अगर Kejriwal अपनी “Second Innings” सफलतापूर्वक शुरू करते हैं तो AAP के National Party Status और Kejriwal की National Recognition के बल पर एक नए Third Front के उभरने की संभावना बन सकती है — जो Congress के लिए सबसे बड़ा Strategic खतरा होगा।
